गंजापन ढकने को टोपी, मेरे सिर पर रहती है।
ठिठुरन से रक्षा करती हूँ , बार-बार यह कहती है।।
देखो अपनी गाँधी टोपी,
ठिठुरन से रक्षा करती हूँ , बार-बार यह कहती है।।
देखो अपनी गाँधी टोपी, सारे जग से न्यारी है।
आन-बान भारत की है ये,
आन-बान भारत की है ये,
हमको लगती प्यारी है।।

लालबहादुर और जवाहर जी ने,
इसको धार लिया।
भारत का सिंहासन इनको,
भारत का सिंहासन इनको,
टोपी ने उपहार दिया।।

लाखों में पहचाना जाता।
टोपी वाले नेता का कद,
टोपी वाले नेता का कद,
ऊँचा है माना जाता।।

No comments:
Post a Comment